General

एकादशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए? | Ekadashi Ke Din Na Kare Ye Kaam

March 5, 2026·5 min read·Admin
एकादशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए? | Ekadashi Ke Din Na Kare Ye Kaam

एकादशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए? | Ekadashi Ke Din Na Kare Ye Kaam

सनातन धर्म में एकादशी तिथि को अत्यंत पवित्र माना जाता है। यह दिन भगवान विष्णु की पूजा, व्रत और भक्ति के लिए समर्पित होता है। धार्मिक मान्यता है कि जो भक्त इस दिन श्रद्धा और नियम के साथ व्रत रखते हैं, उन्हें जीवन के कष्टों से मुक्ति और भगवान विष्णु की कृपा प्राप्त होती है।

एकादशी के व्रत में केवल भोजन का त्याग ही नहीं होता, बल्कि आचरण और विचारों की शुद्धता भी महत्वपूर्ण मानी जाती है। इसलिए इस दिन कुछ कार्यों से बचने की सलाह दी जाती है।

एकादशी के दिन क्या नहीं करना चाहिए?

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन निम्न कार्यों से बचना चाहिए:

  • चावल और अनाज का सेवन नहीं करना चाहिए
  • तामसिक भोजन जैसे मांस, मछली, लहसुन और प्याज से परहेज करना चाहिए
  • क्रोध, झगड़ा और विवाद से बचना चाहिए
  • झूठ बोलने और छल-कपट से दूर रहना चाहिए
  • बाल और नाखून काटने से बचना चाहिए
  • अधिक सोने और आलस्य से दूर रहना चाहिए

1. अनाज और चावल का सेवन न करें

एकादशी के दिन चावल और अनाज खाने की मनाही होती है। धार्मिक मान्यता है कि इस दिन चावल का सेवन करने से व्रत का फल कम हो जाता है। इसलिए इस दिन फलाहार या सात्त्विक भोजन ग्रहण करना उचित माना जाता है।

2. तामसिक भोजन से बचें

एकादशी के दिन मांस, मछली, अंडा, लहसुन और प्याज जैसे तामसिक भोजन का सेवन नहीं करना चाहिए। इस दिन सात्त्विक भोजन करना और भगवान विष्णु का स्मरण करना शुभ माना जाता है।

3. क्रोध और झगड़ा करने से बचें

एकादशी का व्रत केवल शरीर का नहीं बल्कि मन का भी होता है। इस दिन मन को शांत रखना चाहिए और क्रोध, विवाद तथा नकारात्मक विचारों से दूर रहना चाहिए।

4. झूठ और कपट से दूर रहें

धार्मिक दृष्टि से एकादशी सत्य और सदाचार का पालन करने का दिन है। इस दिन झूठ बोलना या किसी को धोखा देना उचित नहीं माना जाता।

5. बाल और नाखून काटने से बचें

कुछ धार्मिक मान्यताओं के अनुसार एकादशी के दिन बाल या नाखून काटना अशुभ माना जाता है। इस दिन आत्मसंयम और शुद्धता का पालन करना अधिक महत्वपूर्ण होता है।

6. अधिक सोने और आलस्य से बचें

एकादशी का व्रत केवल भोजन से संबंधित नहीं है, बल्कि यह अनुशासन और साधना का भी दिन माना जाता है। इसलिए इस दिन अधिक सोने या आलस्य करने से बचना चाहिए।

7. दान-पुण्य का महत्व

एकादशी के दिन दान-पुण्य का विशेष महत्व बताया गया है। यदि संभव हो तो जरूरतमंद लोगों की सहायता करें।

  • अन्न दान
  • वस्त्र दान
  • गरीबों की सहायता
  • भगवान विष्णु की पूजा और भजन

निष्कर्ष

एकादशी केवल उपवास का दिन नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, अनुशासन और भक्ति का अवसर है। इस दिन गलत कार्यों से बचकर और भगवान विष्णु की पूजा करके जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त की जा सकती है।

इस प्रकार एकादशी के नियमों का पालन करने से व्यक्ति को मानसिक शांति और आध्यात्मिक लाभ प्राप्त होता है।

Comments

Loading comments...

Related Articles

Mathura Incident: Kaun The ‘Farsa Wale Baba’ Chandrashekhar? Kya Hua Tha Puri Ghatna Mein
Mar 21, 2026-5 min read

Mathura Incident: Kaun The ‘Farsa Wale Baba’ Chandrashekhar? Kya Hua Tha Puri Ghatna Mein

Mathura mein ‘Farsa Wale Baba’ ke naam se jaane jaane wale Chandrashekhar ki maut ke baad protest dekhne ko mile. Aaiye samajhte hain kaun the woh aur kya hua tha poori ghatna mein.

General
25 वर्षीय सूरज को न्याय चाहिए — चूरू हादसे की पूरी सच्चाई जो आपको जाननी चाहिए | 16 मार्च 2026
Mar 19, 2026-5 min read

25 वर्षीय सूरज को न्याय चाहिए — चूरू हादसे की पूरी सच्चाई जो आपको जाननी चाहिए | 16 मार्च 2026

16 मार्च 2026 को चूरू जिले के सुजानगढ़-सालासर रोड पर एक काली स्कॉर्पियो और पिकअप वैन की भीषण टक्कर में 25 वर्षीय सूरज की मौत हो गई। 35 परिवारों को रोज़गार देने वाले इस नौजवान के परिजन ब्लड रिपोर्ट माँग रहे हैं — और पुलिस पर गंभीर सवाल उठा रहे हैं।

General
Koyal Dham Rajasthan – 250 Saal Purana Bal Hanuman Mandir Jahan Puri Hoti Hai Har Manokamanaa
Mar 15, 2026-6 min read

Koyal Dham Rajasthan – 250 Saal Purana Bal Hanuman Mandir Jahan Puri Hoti Hai Har Manokamanaa

Rajasthan ke Nagaur jile me ek aisa chhota sa gaon hai jahan 250 saal purana Bal Hanuman mandir hai, poora gaon Rathore Rajputon ka hai, aur mor ki awaazein charon taraf gunj'ti hain. Jaaniye Koyal Dham ki poori kahani.

GeneralKhatu Shyam Ji