Khatu Shyam Ji

खाटू श्याम जी का असली नाम क्या है? | Khatu Shyam Ji Ka Asli Naam Kya Hai

March 5, 2026·5 min read·Admin
खाटू श्याम जी का असली नाम क्या है? | Khatu Shyam Ji Ka Asli Naam Kya Hai

खाटू श्याम जी का असली नाम क्या है? | Khatu Shyam Ji Ka Asli Naam Kya Hai

भारत की पवित्र भूमि पर अनेक धार्मिक और पौराणिक कथाएँ प्रचलित हैं। उन्हीं में से एक कथा राजस्थान के सीकर जिले में स्थित खाटू श्याम जी मंदिर से जुड़ी हुई है। आज लाखों भक्त खाटू श्याम जी को कलियुग के देवता के रूप में मानते हैं और दूर-दूर से उनके दर्शन करने आते हैं।

यदि आप खाटू श्याम जी के बारे में विस्तार से जानना चाहते हैं, तो पहले हमारा यह लेख भी पढ़ सकते हैं – खाटू श्याम जी का इतिहास.

खाटू श्याम जी का असली नाम क्या है?

खाटू श्याम जी का वास्तविक नाम बर्बरीक था। वे महाभारत काल के एक महान योद्धा थे। बर्बरीक, भीम के पोते और घटोत्कच के पुत्र थे। उनकी माता का नाम मोरवी बताया जाता है।

  • पिता – घटोत्कच
  • दादा – भीम (पांडव)
  • माता – मोरवी
  • वास्तविक नाम – बर्बरीक

बर्बरीक बचपन से ही अत्यंत शक्तिशाली और वीर योद्धा माने जाते थे।

बर्बरीक कौन थे?

बर्बरीक महाभारत के समय के महान धनुर्धर थे। उन्हें भगवान शिव से तीन अमोघ बाण प्राप्त हुए थे। इन बाणों की विशेषता यह थी कि वे किसी भी युद्ध का परिणाम तुरंत तय कर सकते थे।

  • भगवान शिव से तीन दिव्य बाण प्राप्त हुए
  • माता दुर्गा से आशीर्वाद मिला
  • युद्ध कौशल में अद्वितीय माने जाते थे

उनकी शक्ति और साहस के कारण उन्हें महान योद्धाओं में गिना जाता है।

महाभारत युद्ध से जुड़ी कथा

जब महाभारत का युद्ध आरंभ होने वाला था, तब बर्बरीक ने भी युद्ध में भाग लेने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने एक प्रतिज्ञा ली थी कि वे युद्ध में हमेशा कमजोर पक्ष का साथ देंगे

भगवान श्रीकृष्ण को यह ज्ञात था कि यदि बर्बरीक युद्ध में शामिल हो गए, तो युद्ध का परिणाम लगातार बदलता रहेगा।

Khatu Shyam Ji Temple

खाटू श्याम नाम कैसे पड़ा?

भगवान श्रीकृष्ण ने ब्राह्मण का वेश धारण करके बर्बरीक से दान मांगा। उन्होंने बर्बरीक से उनका शीश दान में मांग लिया।

बर्बरीक ने बिना संकोच अपना सिर भगवान श्रीकृष्ण को अर्पित कर दिया। उनके इस महान त्याग से प्रसन्न होकर श्रीकृष्ण ने उन्हें आशीर्वाद दिया कि कलियुग में वे श्याम नाम से पूजे जाएंगे।

  • श्रीकृष्ण ने बर्बरीक को श्याम नाम दिया
  • कलियुग में उनकी पूजा का वरदान दिया
  • भक्तों की मनोकामना पूरी करने का आशीर्वाद मिला

खाटू श्याम जी का प्रसिद्ध मंदिर कहाँ है?

खाटू श्याम जी का प्रसिद्ध मंदिर राजस्थान के सीकर जिले के खाटू गाँव में स्थित है। यह मंदिर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में से एक माना जाता है।

  • स्थान – खाटू गाँव, सीकर, राजस्थान
  • प्रसिद्ध मेला – फाल्गुन मेला
  • हर वर्ष लाखों भक्त दर्शन करने आते हैं

निष्कर्ष

खाटू श्याम जी का असली नाम बर्बरीक था, जो महाभारत के वीर योद्धा और भीम के पोते थे। भगवान श्रीकृष्ण ने उनके बलिदान से प्रसन्न होकर उन्हें कलियुग में श्याम नाम से पूजे जाने का वरदान दिया। आज खाटू श्याम जी करोड़ों भक्तों की आस्था का केंद्र हैं।

जय श्री श्याम।

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